उत्तरप्रदेश

लखनऊ में आरएसएस के सरकार्यवाह, बीजेपी पदाधिकारी और योगी सरकार के मंत्रियों की मैराथन बैठक, योगी सरकार और संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज

4th पिलर न्यूज,लखनऊ
बीते दिनों पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में लाख कोशिशों के बावजूद मिली शिकस्त से सबक लेते हुए बीजेपी अभी से यूपी के मिशन-2022 की तैयारियों में जुट गई है। योगी सरकार और संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच 25 मई को राजधानी लखनऊ पहुंचे और आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कुछ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने योगी सरकार और संगठन के काम-काज का फीडबैक लिया। 31 मई को बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह भी राजधानी लखनऊ पहुंचे। उन्होंने योगी सरकार और संगठन से जुडे़ पदाधिकारियों के साथ बैठककर उनके काम-काज की विधिवत समीक्षा की। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राधा मोहन सिंह ने न सिर्फ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और डॉ दिनेश शर्मा समेत तमाम मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और लखनऊ क्षेत्र के विधायकों और सांसद के साथ एक-एक कर बैठक की है बल्कि इस दौरान इन सभी से कोरोना काल में किए गए सेवा कार्यों की जानकारी लेकर सरकार और संगठन के काम-काज और आपसी समन्वय जैसे तमाम मुद्दो पर भी उनका फीडबैक लिया है। दरअसल, यह पहला मौका है जब बीजेपी के किसी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने उत्तर प्रदेश के बीजेपी पदाधिकारियों के साथ यूपी के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ सामूहिक बैठक करने के बजाय एक-एक के साथ अकेले में बैठक की है. इस दौरान बीएल संतोष ने अपने 3 दिवसीय दौरे के दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा और कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, जय प्रताप सिंह, महेन्द्र सिंह, दारा सिंह चौहान, सिद्धार्थनाथ सिंह, श्रीकांत शर्मा, सूर्य प्रताप शाही, ब्रजेश पाठक, आशुतोष टंडन, अनिल राजभर, स्वामी प्रसाद मौर्या, रमापति शास्त्री, अशोक कटारिया के साथ ही मंत्री स्वाति सिंह, सतीश द्विवेदी, गुलाबो देवी से अलग-अलग बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बीएल संतोष ने सबसे पहले इन मंत्रियों से उनके द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी हासिल की। फिर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार के बावजूद पंचायत चुनावो में पार्टी के बुरे प्रदर्शन, पंचायत के आगामी चुनाव में पार्टी की स्थिति, सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल की कमी और जनता में सरकार की मौजूदा छवि जैसे तमाम मुद्दो पर फीडबैक लिया है। जिसके चलते इस दौरान तमाम मंत्रियों ने अपने कार्यों का ब्यौरा देते हुए सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल न होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह शासन में बैठे कुछ अफसरों के मनमाने रवैये को बताया है। कुछ मंत्रियो ने इन अफसरों द्वारा अपनी नाकामी छिपाने के लिये झूठे दावों के आधार पर सभी को गुमराह कर सरकार को बदनाम कराने की बात बताई। साथ ही बताया कि इन अफसरों के ही इशारों पर प्रदेश में कई बार एमपी, एमएलए और पार्टी पदाधिकारियों के साथ कार्यकार्ताओ को भी अपमानित किये जाने की जानकारी दी है।

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