गाज़ियाबाद

सकरात्मक सोच व आशावादी दृष्टिकोण योग से सम्भव : योगाचार्या रजनी चुघ

स्थिरता और योग पर आनलाइन गोष्ठी

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में  “स्थिरता और योग” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन हुआ।यह कोरोना काल में 444 वाँ वेबीबार था। मुख्य वक्ता योगाचार्या रजनी चुघ ने कहा कि शारीरिक,प्राणों की, मानसिक और बुद्धि की स्थिरता से ही हम समाधि की ओर आगे बढ़ सकते हैं। योग का लक्ष्य स्थिरता को प्राप्त करना है।स्थिरता ही ध्यान,धारणा औऱ समाधि की और ले जाने वाली है। एक अवस्था में शरीर को लम्बे समय तक ठहराने की शक्ति प्राप्त करना ही शारीरिक स्थिरता है। इससे हमारी सभी अंग मजबूत बनते हैं।प्राणिक स्थिरता से प्राण शक्ति बढ़ती है।मानसिक स्थिरता के लिए मन कि एकाग्रता आवश्यक है।जब हमारा मन शांत व स्थिर होता है तो हम रितंभरा व प्रज्ञा प्राप्त कर लेते हैं अतः हमें प्रतिदिन योगाभ्यास द्वारा अपनी शक्तियों का विकास करते रहना चाहिए। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के अध्यक्ष अनिल आर्य ने संचालन करते हुए कहा कि योगी व्यक्ति बड़े से बड़ा कष्ट आसानी से सहन कर लेता है। मुख्य अतिथि आर्य नेत्री कृष्णा गाँधी व अध्यक्ष रजनी गर्ग ने योग कि महत्ता पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि योग स्वस्थ जीवन का आधार है। इस मौके पर गायिका प्रवीना ठक्कर,पिंकी आर्य,कमला हंस, ईश्वर देवी, सुनीता अरोरा, सरला बजाज, जनक अरोरा, प्रतिभा कटारिया, कुसुम भंडारी,रविन्द्र गुप्ता, सुदर्शन चौधरी आदि मौजूद रहे।

 

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