गाज़ियाबाद

पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की 78वीं आनलाइन साहित्यिक गोष्ठी, देशभक्ति, कृष्ण भक्ति व रक्षा बंधन पर किया कविता पाठ

4th पिलर न्यूज,गाजियाबाद
वैशाली में पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की मंगलवार को 78 वीं ऑनलाइन साहित्यिक गोष्ठी हुई। जिसमें कवियों ने देशप्रेम, रक्षाबंधन और कृष्ण भक्ति पर आधारित कविता पाठ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कवि व फिल्मकार उमेश कुमार ने भी कृष्ण भक्ति भाव पर समर्पित कविता पढ़ी। उन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति में समर्पित तेरी सुरभि से हैं सुगंधित वन-उपवन सारे, तेरी कामना करें कामिनी स्वयं नंद के नंदन प्यारे कविता पढ़ी। गोष्ठी के संयोजक और संचालक वरिष्ठ कवि अवधेश सिंह ने गजल में देश भक्ति को ही नमन करते हुए कहा सैकड़ों कुर्बानियां देकर जो शोहरत है मिली, दो टके के लोभ में क्या ये गंवानी चाहिए , है नहीं मुमकिन कि हर मौके पे उसकी जीत हो , हम भी हैं मुस्तैद, उसको मात खानी चाहिए, हौसलों की बात कर तू मौत से आंखे मिला, देश की खातिर सभी कीमत चुकानी चाहिए। कवि अवधेश सिंह ने मार्मिक रचना पढ़ व्यवस्था पर भी तंज कसा कि हम से जमीं की बात करो , हम चांद की बात क्या जाने , भूख और प्यास की दुनिया में, अच्छे दिन रात क्या जाने । बचपन अब भी कूड़ा बीने , सिस्टम उनसे खुशिया छीने , उनको स्कूल अधिकार नहीं , उनको इज्जत व प्यार नहीं , बदहाली में जब सांस चले , वो मन की बात क्या जाने । कवयित्री पल्लवी मिश्र ने जन्माष्टमी पर आधारित कृष्ण भक्ति पर आधारित कविता पढ़ी। दिल्ली से ही पधारी कवयित्री सत्या त्रिपाठी ने देशभक्ति पर अपनी रचना द्वारा विरासत को नमन करते हुए पढ़ा “धन्य हैं हम इस गौरवशाली देश में हमको जन्म मिला और विरासत में ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का संदेश मिला , गीता जैसा ज्ञान मिला रामायण का सम्मान मिला, बड़े बड़े ऋषि-मुनियों का तापसमय गुण-विज्ञान मिला । सत्या त्रिपाठी ने मानवीय रिश्तों की घुटन को व्यक्त करती गजल भी पढ़ी “शख़्स बिखरा सा हर कोई देखा, भीड़ में तनहा हर कोई देखा । जग तो कितने ही जीतते देखे, मौत से हारा हर कोई देखा। कवि अनिल कुमार मिश्र ने रक्षा बंधन पर कविता पढ़ी। ऑनलाइन संगोष्ठी से सुधीर कुमार , अनीता सिंह , मृत्युंजय साधक , अनीता देवेश , डॉ देवेन्द्र देवेश आदि जुड़े।

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