गाज़ियाबाद

पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की 77 वीं ऑनलाइन गोष्ठी में गुरु महिमा पर किया काव्य पाठ

4th पिलर न्यूज,गाजियाबाद
वैशाली में पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की रविवार को 77 वीं ऑनलाइन गोष्ठी हुई। जिसमें कवियों ने गुरु की महिमा पर रचित गीतों व कविता पाठ किया। सर्वप्रथम गीत कार मृत्युंजय साधक ने मां सरस्वती के वंदन से गोष्ठी के लिए माँ का आशीर्वाद मांगा और मेरे गुरुजी कहीं चले गए, न ये चर्चा सुहाती है कविता पढ़ी। डॉ देवेंद्र कुमार देवेश ने गंभीर कविता “लिफ्ट और जीवन का पाठ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात कवि अवधेश सिंह ने गुरु पर दोहे पढ़ते हुए कहा कि “सत गुरु सगा न को सखा, मिलता सदा प्रकाश। मुश्किल में हर हल मिले, होना नहीं निराश।। फिर कहा “ मन मेरा शीतल हुआ, छू कर गुरु के पांव। श्रोताओं में अनीता सिंह , सुधीर कुमार , कपिल देव नागर , राजकुमार रत्नप्रिय, वीरेंद्र जटवानी, ईश्वर सिंह तेवतिया आदि ने कवियों की पढ़ी हुई रचनाओं पर अपने विचार प्रकट किए । इस मौके पर साहित्य अकादमी भारत सरकार के क्षेत्रीय सचिव डॉ देवेंद्र कुमार, सुमन साधक, पल्लवी मिश्रा शिखा व मंजू आदि मौजूद रहे।

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